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देश में फुटबाल की नई लहर यानि आईएसएल

संजय श्रीवास्तव 
भारतीय खेलों में स्टार क्रिकेटर और फिल्म सितारे फुटबाल की सनसनी पैदा करने वाले हैं। हालांकि ये केवल सनसनी नहीं होगी बल्कि देश में पहली बार फुटबाल को गंभीरता से लोकप्रिय बनाने की कोशिश होगी। रिलांयस द्वारा प्रवर्तित फुटबाल की इंडियन सुपर लीग की आठ में छह फ्रेंचाइजी स्टार क्रिकेटरों और फिल्म सितारों ने खरीद ली हैं.
फुटबाल की ये लीग लाने की कोशिश पिछले दो साल से चल रही थीं। अब ये अंजाम तक पहुंचती दिख रही है। नीलामी प्रक्रिया में आठ फ्रेंचाइजी यानि आठ टीमों को तय किया जा चुका है. इस लीग के पीछे यूरोपीय फुटबाल एक्सपर्ट, रिलायंस और आल इंडिया फुटबाल फेडरेशन शामिल हैं. अब लग रहा है कि पिछले दो सालों से भारतीय फुटबाल जगत में अचानक यूरोपीय क्लबों की दिलचस्पी लेना, यूरोपीय क्लबों का भारत में फुटबाल एकेडमी खोलना कोई अचानक नहीं हुआ बल्कि ये सब एक रणनीति के तहत हुआ. सौ करोड़ से ज्यादा जनसंख्या वाले भारत में फुटबाल प्रतिभाओं की कमी होगी, एेसा बिल्कुल नहीं लगता. मौसम, कद काठी और सामाजिक स्थितियों में भारत लातीन अमेरिकी देशों से अलग हो, एेसा भी नहीं लगता। भारत और लातीनी अमेरिकी देशों की आर्थिक संरचना और जीवनयापन में बहुत अंतर नहीं है। अगर वहां से गलियों और स्लम्स से निकले फुटबाल सितारे दुनिया पर परचम लहरा सकते हैं तो अपने यहां क्यों नहीं।
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कहा जाता है कि फुटबाल ही एकमात्र एेसा खेल है जो नैसर्गिक तौर पर हमेशा से मानव के करीब रहा है. आप गरीब बस्ती में रहते हैं तो पुराने और खराब कपड़ों से गेंद बनाइये और खेलना शुरू कर दीजिए, जैसा आमतौर पर ब्राजील, अर्जेटीना और अफ्रीकी देशों में होता है. ये एेसा खेल भी है जो किसी को भी खुद से सबसे आसानी से जोड़ता है. आपको नियमों की जानकारी हो या नहीं हो लेकिन अगर आपने एक बार इस खेल को टीवी पर देखना शुरू किया तो आपके इसके रोमांच से खुद को जुड़ा हुआ ही पाएंगे। ऐसा शायद किसी खेल में नहीं है.
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भारत के पूर्वोत्तर हिस्सों, केरल और गोवा में खूब फुटबाल खेली जाती है. लेकिन इस देश दुनिया के फुटबाल मानचित्र में बहुत नीचे है. इस पर दुनिया के लोग हैरान भी होते हैं कि इतनी बड़ी जनसंख्या वाला देश फुटबाल में इतना पीछे क्यों है.  हालांकि सब ये भी मानते हैं कि अगर कोशिश की जाए तो भारत में जबरदस्त तरीके से फुटबाल प्रतिभाओं को सामने लाकर तराशा जा सकता है. अब तक वाकई एेसी कोशिश हुई नहीं कि फुटबाल को देश के आमजनों से जोड़ा जा सके. अब पहली बार इंडियन सुपर लीग के माध्यम से ये कोशिश हुई है। जिस तरह से इसमें सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, जान अब्राहम, सलमान खान और रणवीर कपूर ने दिलचस्पी दिखाते हुए टीमें खरीदी हैं और जिस तरह से रिलायंस जैसा बड़ा कारपोरेट ग्रुप इसके पीछे खड़ा है, उससे ये तय है कि बहुत जल्दी ही फुटबाल की इंडियन सुपर लीग देशभर में बिल्कुल उसी तरह लोकप्रिय होने वाली है, जिस तरह क्रिकेट की इंडियन प्रीमियर लीग यानि आईपीएल है। बेशक आईपीएल की देखादेखी में देश में खेलों में लीग की नई बहार सामने आई है।
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कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि फुटबाल का एक नया रोमांचक अवतार देश में अवतरित होने वाला है. चूंकि आईएसएल के मॉडल को आईपीएल की तरह ही कामर्शियल तौर पर जोड़ा गया है, लिहाजा माना जाना चाहिए कि इसे खेल की लोकप्रियता बढ़ाने के साथ सफलता की कहानी भी लिखना चाहिए। चूंकि आईएसएल में भी पैसा फ्रेंचाइजी, ब्राडकास्टिंग राइट्स, लोगो राइट्स और स्पांसरशिप से आएगा और बड़े कारपोरेट इसके लिए तैयार बैठे हैं, इसलिए लगता नहीं कि इस लीग में मोटा पैसा नहीं आए. टीम खरीदने वाली फ्रेंचाइजी भी स्पांसरशिप, मार्केटिंग, टिकट बिक्री और मर्चेंटाइजिंग से पैसा बटोरेंगी, साथ ही ब्राडकास्टर राइट और मीडिया राइट्स में भी उनकी हिस्सेदारी होगी, एेसे में खेल में लगाया गया अपना पैसा वो बहुत जल्दी वापस निकाल पाएंगी। फिलहाल इंटरनेशनल मैनजमेंट ग्रुप-रिलायंस ने इस लीग में 700 करोड़ रुपए के आसपास का निवेश किया है। करीब 15 सालों तक इस लीग पर उनका अधिकार होगा। इससे केवल देश में फुटबाल का पूरा परिदृश्य ही आमूलचूल तौर पर बदल जाएगा और देश फुटबाल की नई ताकत के तौर पर उभर कर सामने आ पाएगा बल्कि देश में खेल इंडस्ट्री के विकास को समानांतर पर बढ़ावा मिलता रहेगा, ये अपने साथ खेल इंडस्ट्री से जुड़े तमाम दूसरे आयामों को भी समृद्ध करेगा।
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जहां इससे देश में फुटबाल की नई तकनीक, तौर तरीकों और विदेशी कोचों के साथ बड़े विदेशी खिलाडिय़ों के साथ देशी प्रतिभाओं को खेलने और सीखने का मौका मिलेगा बल्कि सही मायनों में देश उस खेल से जुड़ेगा, जिसे दुनिया का सबसे मेगा ग्लोबल खेल माना जाता है। दुनिया के 200 से ज्यादा देश इसे खेलते हैं। सबसे ज्यादा पैसे का बहाव इस खेल में होता है. कई मायनों में अपने बजट और कुल पैसे के बहाव में ये दुनिया के किसी भी खेल को मात करता है.
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ये लीग सितंबर से नवंबर तक देश के आठ शहरों में आयोजित की जाएगी। सचिन तेंदुलकर ने पीवीपी वेंचर्स के साथ मिलकर कोच्चि टीम की फ्रेंचाइजी खरीदी.  सचिन तेंदुलकर के कोच्चि टीम से जुडऩे की खबर फैलते ही फुटबॉल के दीवाने राज्य केरल में फुटबॉल प्रशंसकों में खुशी की लहर दौड़ गई। भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान एवं दिग्गज खिलाड़ी आई. एम. विजयन ने कोच्चि में फिर से फुटबॉल की बड़े स्तर पर वापसी हो रही है। कोच्चि की घरेलू टीम एफसी कोचीन 90 के दशक में देश के बड़े और सफल फुटबॉल क्लबों में थी। विजयन ने कहा, केरल में फुटबॉल दम तोड़ रहा था। इस खबर ने निश्चित तौर पर राज्य में उन पुराने सुनहरे दिनों की वापसी का रास्ता खोल दिया है। दरअसल ये लीग मौजूदा और पूर्व खिलाडिय़ों के लिए बहुत अच्छे अवसर पैदा करेगी, क्योंकि वे सभी अब इस लीग के जरिए फुटबॉल को फिर अपना योगदान दे सकेंगे।
भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने स्पेनिश लीग के दिग्गज एटलेटिको मैड्रिड तथा व्यवसायी हर्षवर्धन नियोतिया, संजीव गोयनका और उत्सव पारेख के साथ समूह बनाकर कोलकाता फ्रेंचाइजी खरीदी। मुंबई फ्रेंचाइजी बालीवुड स्टार रणबीर कपूर और बिमल पारेख के नाम रही जबकि एक अन्य सितारे सलमान खान ने वाधवान ग्रुप के कपिल वाधवान और धीरज वाधवान के साथ मिलकर पुणे फ्रेंचाइजी खरीदी। वहीं फुटबॉल के जबरदस्त दीवाने और हॉकी इंडिया लीग में दिल्ली फ्रेंचाइजी के संयुक्त मालिक जान अब्राहम ने आईलीग टीम शिलांग लाजोंग के साथ मिलकर गुवाहाटी फ्रेंचाइजी पर अधिकार किया।
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मुंबई फ्रेंचाइजी खरीदने के बाद फिल्म सितारे रणबीर काफी खुश नजर आए। बार्सीलोना फुटबॉल क्लब के प्रशंसक बॉलीवुड सितारे रनबीर कपूर ने कहा, फुटबॉल के लिए अपने जुनून को इस खेल में योगदान में बदलने के लिए कुछ कर सकूंगा।  समीर मनचंदा की अगुवाई वाले डेन नेटवर्क ने दिल्ली, आईपीएल टीम हैदराबाद सनराइजर्स के मालिक सन ग्रुप ने बेंगलुरू तथा वीडियोकान के वेणुगोपाल धूत, दत्ताराज सालगांवकर और श्रीनिवास वी डेम्पो ने गोवा फ्रेंचाइजी खरीदी।
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दिल्ली फ्रेंचाइजी खरीदने वाले डेन नेटवर्क के अध्यक्ष समीर मनचंदा ने कहा, ‘फुटबॉल हर भारतीय के खून में है और यह हमारे खेल डीएनए का हिस्सा है। हमें यह फीफा विश्व कप, ईपीएल और चैम्पियन्स लीग के लाखों जुनूनी दर्शकों में दिखता है। मनचंदा वाकई सही कहते हैं, क्योंकि वल्र्ड कप फुटबाल देखने के दौरान टीवी के टीआरपी कभी कभी क्रिकेट के टीआरपी को मात करते दिखते हैं. यूं भी फुटबाल टीवी पर क्रिकेट के बाद दूसरा सबसे ज्यादा देखा जाने वाला खेल हैं।
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दिल्ली फ्रेंचाइजी के मालिक मनचंदा आगे कहते हैं, ‘आईएसएल एक अभियान की शुरूआत है जो भारतीय फुटबाल में क्रांति लाएगा और हमारे देश में खेल की असली प्रतिभा को सामने लाएगा। स्पेन की शीर्ष टीम एटलेटिको मैड्रिड के मालिक मिगुएल एंजेल गिल मारिन ने कहा कि वह रोमांचित है कि उन्होंने आईएसएल की कोलकाता फ्रेंचाइजी जीती और भारत में किसी क्लब के प्रत्यक्ष तौर पर स्वामी बनने वाली पहली अंतरराष्ट्रीय टीम बने।
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बताया जाता है कि आयोजकों को इंडियन सुपर लीग में फ्रेचाइजी के निविदा आमंत्रण पर काफी सकारात्मक जवाब मिले थे।  30 से अधिक पार्टियों ने फ्रेंचाइजी टीमों को खरीदने में दिलचस्पी दिखायी थी। निविदा जमा करने की आखिरी तिथि 27 मार्च थी। यह पहला अवसर है जबकि भारत में खेलों की फ्रेंचाइजी को खरीदने में खेलों और बालीवुड से जुड़ी हस्तियों ने इतनी अधिक दिलचस्पी दिखायी।
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अंतरराष्ट्रीय सलाहकार फर्म अर्नस्ट एंड यंग ने बोली प्रक्रिया को तैयार करने में अहम भूमिका निभायी। प्रत्येक बोली लगाने वाले के लिये कड़ी शर्तें रखी गयी थी। अर्नस्ट एंड यंग के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ज्यूरी पैनल ने बोलियों का आकलन किया। आईएमजी रिलायंस का कहना है कि आईएसएल देश के गैर पारंपरिक केंद्रों में फुटबाल को पहुंचाने में मदद करेगा इससे देश में इस खेल को बढ़ावा मिलेगा।
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हां, एक और दिलचस्प बात है। कोलकाता की फ्रेंचाइजी  खरीदने में शाहरुख खान भी दौड़ में थे। लेकिन सौरव गांगुली ने ठान ली थी कि कोलकाता फ्रेंचाइजी उनके हाथ से नहीं निकलनी चाहिए। स्कूल में फुटबाल के जबरदस्त खिलाड़ी सौरव ने आखिरकार किंग खान को बोल्ड कर ही दिया. कोलकाता की टीम को सबसे ज्यादा 18 करोड़ में खरीदा गया। अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए सौरभ ने दो फुटबॉल प्रेमी व्यापारियों हर्षवर्धन नियोटिया और संजीव गोएनका को अपने साथ जोड़ा। इसके बाद उन्होंने भारतीय फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के समधी उत्सव पारेख को अपनी टीम में शामिल किया। यही नहीं उनके प्रयासों से स्पेन की नंबर वन टीम एटलेटिको मेड्रिड ने भी उनके साथ हाथ मिला लिया। पूरी योजना के साथ मैदान पर उतरी सौरभ की सेना ने शाहरुख के दल से ज्यादा राशि पर निविदा भी भरा। इस तरह आईपीएल में कोलकाता की टीम हासिल करने वाले शाहरुख आईएसएल में अपनी सफलता नहीं दोहरा सके।
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हर टीम के लिए बेस प्राइस 12 करोड़ रुपए था। कुल मिलाकर टीम खरीदने में फ्रेंचाइजी मालिकों ने अपने पर्स में से 120 करोड़ रुपए निकाले। जहां मुंबई, पुणे, कोलकाता, बेंगलुरु और दिल्ली के लिए ज्यादा कीमत लगी वहीं गुवाहाटी, कोच्चि और गोवा के लिए अपेक्षाकृत कम कीमत लगी।
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फिल्म इंडस्ट्री से अभिषेक बच्चन भी एक फ्रेंचाइजी लेने की होड़ में थे। फुटबॉल प्रेमी और चेल्सी के फैन अभिषेक भी चाहते थे कि यह मौका उनके हाथ से ना निकले। सूत्रों के मुताबिक बिग बी अमिताभ बच्चन ने भी उनको अपना समर्थन दिया था। लेकिन, अभिषेक बाद में नीलामी में जब निविदा खुली तो वहां मात खा गए। इसी तरह महेश भूपति ने भी बेंगलुरु या कोच्चि की फ्रेंचाइजी लेने में दिलचस्पी दिखाई थी लेकिन वह भी पीछे रह गए।
संजय श्रीवास्तव जाने माने खेल विश्लेषक हैं 
sanjayratan@gmail.com

Short URL: http://www.wisdomblow.com/hi/?p=952

Posted by on Apr 21 2014. Filed under खेल-कूद, मनोरंजन, युवा मंच, विचार. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

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