अब कंसोलिडेटेड एकाउंट स्टेटमेंट जानना हुआ आसान

अर्णव पांड्या

काफी दिनों तक म्यूचुअल फंड निवेशकों ने अपने विभिन्न यूनिट होल्डिंग्स के लिए एक ही एकाउंट स्टेटमेंट से काम चलाया है। दरअसल इसी स्टेटमेंट के जरिए एमएफ निवेशक द्वारा किए गए निवेश की पूरी जानकारी मिलती है। इसलिए निवेशक के लिए यह बहुत आवश्यक हो जाता है कि वे पूरे स्टेटमेंट की पड़ताल ध्यान पूर्वक करें ताकि पता चल सके कि इसमें निवेश संबंधी पूरी जानकारी दी गई है या नहीं>

अब तक इसका इस्तेमाल काफी बड़े पैमाने पर होता रहा है पर अब एकाउंट स्टेटमेंट के संबंध में नए नियम आ गए हैं। म्यूचुअल फंड कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि नये नियमों का पालन सही तरीके से किया जा रहा है या नहीं। आइए हम इन्हीं प्रावधानों के संबंध में अपनी चर्चा को आगे बढ़ाते हैं।

समेकित एकाउंट स्टेटमेंट

म्यूचुअल फंड कंपनियों एवं इंडिविजुअल निवेशकों द्वारा निवेश में की गई भारी वृद्धि के कारण इसके� कुल निवेश आंकड़े में काफी बदलाव हो चुका है।� निवेशक अब अलग-अलग फंडों में निवेश करते हैं। इसलिए� प्रत्येक होल्डिंग के लिए अलग अलग एकाउंट स्टेटमेंट जारी करना बेहद जटिल प्रक्रिया हो गई थी। निवेशकों को भी अपने प्रत्येक होल्ंिडग के लिए अलग-अलग स्टेटमेंट से काफी परेशानी होती थी। इसी के मद्देनजर यह बेहद आवश्यक हो गया था कि इस पूरी प्रक्रिया को सरल किया जाए एवं परिचालन मोड पर फिर से ध्यान दिया जाए। अब म्यूचुअल फंड या रजिस्ट्रार के द्वारा कंसोलिडेटेड एकाउंट स्टेटमेंट (सीएएस) जारी किया गया है जिसमें इंडिविजुअल कंंसोलिडेटेड होल्डिंग्स की जानकारी एक साथ ही दी गई है। यह पहले से काफी बेहतर है क्योंकि निवेशक बिना किसी अतिरिक्त कागजाती तामझाम के एक ही जगह पर अपनी सभी होल्डिंग्स ( विभिन्न कंपनियों के होल्डिंग्स) को आसानी से देख सकते हैं। यह नया सिस्टम पहले से बेहतर तो है पर अभी भी यह सर्वश्रेष्ठ नहीं है क्योंकि अभी भी म्यूचुअल फंड में कुछ ऐसे निवेश होंगे जो एक सीएएस के अंतर्गत नहीं आ पायेंगे। उदाहरण के तौर पर आप उन परिस्थतियों का अध्ययन कर सकते हैं जहां म्यूचुअल फंड� हाउसों ने सीएएस जारी किया है। इसमें केवल संबंधित फंड में होल्डिंग्स को ही शामिल किया किया गया है। पर एक-दो ऐसे मामले जिसमें कई होल्डर्स हैं यह संभव है कि उन्हें इसमें शामिल न किया जाए। ऐसे में यह यह� बात निकल कर आ रही है कि सीएएस संपूर्ण तस्वीर पेश नहीं करता है।

नए दिशानिर्देश

नए दिशानिर्देशों के मुताबिक अब म्यूचुअल फंड कंपनियों के लिए यह आवश्यक होगा कि निवेशक द्वारा फंड हाउस के साथ एक बार ट्रांजैक्शन कर लेने पर वह उन्हें ई-मेल या एसएमएस भेजें। इसे ट्रांजैक्शन कर लेने के पांच कारोबारी दिन के अंदर भेजना आवश्यक होगा। इसमें कुछ आधारभूत ब्यौरों को शामिल किया जाएगा जैसे यूनिट आवंटन, नेट एसेट वैल्यू (एनएवी) आदि। ये सूचनाएं ट्रांजैक्शन का पहला स्पष्ट प्रमाण होगा। इसलिए सभी निवेशकों को चाहिए कि वे इसे अच्छी तरह से जांच लें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ट्रांजैक्शन सही तरीके से पूरा हुआ है।

मासिक सीएएस

महीने के दौरान ट्रांजैक्शन किए जाने पर म्यूचुअल फंड हाउस निवेशकों को प्रति महीने (अगले महीने की 10 तारीख से पहले) सीएएस भेजेगा। निवेशकों के लिहाज से यह एक राहत की बात है। मतलब ये कि यदि आप नवंबर महीने में ट्रांजैक्शन करते हैं तो इसका सीएएस आप तक 10 दिसंबर तक भेज दिया जाएगा। इसके अंतर्गत महीने के दौरान किए गए ट्रांजैक्शन की पूरी जानकारी दी जाएगी एवं इससे निवेशकों� को अपने वर्तमान निवेश (पोजीशन) के संबंध में पूरी जानकारी मिल जाएगी। यह निवेशकों केे लिए बहुत फायदमंद साबित होगा। अभी निवेशकों की तरफ से बहुत सारी ऐसी शिकायतें आती हैं जिसमें वे स्टेटमेंट न मिलने के कारण अपने निवेश के वर्तमान पोजीशन के बारे में जानकारी नहीं होने का रोना रोते हैं।

अब यदि म्यूचुअल फंड के पास आपका ई-मेल आईडी उपलब्ध है तो संबंधित जानकारी ई-मेल के जरिए भेज दी जाएगी। यदि ई-मेल आईडी उपलब्ध नहीं है तो सीएएस डाक के जरिए भेजी जाएगी। इन दिनों इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के जरिए इन कार्यों को करने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। क्योंकि एक तो इससे समय की बचत होती है दूसरा, यह माध्यम सरल, सुगम, सस्ता होने के साथ-साथ पेपर की भी बचत करता है। इसलिए निवेशक को यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि उसके पास ई-मेल आईडी उपलब्घ हो ताकि उसे उसके निवेश से संबंधित सारी जानकारी ई-मेल के जरिए फंड हाउस की तरफ से भेजा जाता� रहे।

पैन का जिक्र आवश्यक

पैन एक अति महत्वपूर्ण माध्यम है जिसके जरिए एमएफ सीएएस तैयार करने एवं भेजने के लिए अपने निवेशकों की� पहचान करता है। इन दिनों यह बहुत महत्वपूर्ण नंबर बन गया है इसलिए निवेशक को चाहिए कि इस मामले में कोई भी लापरवाही न करे एवं एमएफ कंपनी के पास यह नंबर अवश्य उपलब्ध कराएं। हालांकि आमतौर पर सभी नए निवेश के लिए पैन को आवश्यक कर दिया गया है पर यह संभव है कि निवेशकों के पोर्टफोलियो में कुछ पुराना निवेश हो एवं उसमें पैन का जिक्र न हो क्योंकि उस वक्त पैन का जिक्र करना आवश्यक नहीं था।

यदि इस तरह की स्थिति है तो निवेशक को चाहिए कि वे इससे संबंधित पूरी जानकारी एवं संबंधित नंबर (पैन नंबर) एमएफ कंपनी के पास उपलब्ध कराएं। चंूकि निवेशक ही इसके लाभार्थी होंगे इसलिए� उन्हें बिना कोई देर किए इस प्रक्रिया को पूरा कर लेना चाहिए ताकि एमएफ भी अपना कार्य सही तरीके से कर सकें।

विशेष आग्रह

इन सभी प्रक्रियाओं को अभी अमलीजामा पहनाया जा रहा है एवं यहां निवेशकों के लिए अतिरिक्त सहूलियत की बात यह है कि वे सीएएस प्राप्त करने के संबंध में विशेष आग्रह भी कर सकते हैं एवं� म्यूचुअल फंड यह सुनिश्चित करेंगे कि पूरी जानकारी आप तक पहुंच जाए। यह दरअसल विशेष निवेशकों के लिए विविध प्रकार की आवश्यकताओं या जरूरतों के मद्देनजर बेहद महत्वपूर्ण है।

ट्रांजैक्शन नहीं करने पर

निवेशकों को एक और समस्या का सामना करना पड़ता है। यह तब उत्पन्न होता है जब किसी तरह का ट्रांजैक्शन नहीं किया जाए। यदि फंड में निवेशक ने ट्रांजैक्शन नहीं किया तब उन्हें किसी तरह का एकाउंट स्टेटमेंट नहीं मिलता। ऐसे मामलों में अधिकतर फंड हाउस अपने निवेशकों को वित्त वर्ष के अंत में एकाउंट स्टेटमेंट भेजते हैं और आमतौर पर निवेशकों को इसे मिलने में काफी समय लगता है। दरअसल यह एक लंबी समयावधि है जिससे निवेशक के लिए हमेशा संदेह की स्थिति बनी रहती है एवं समय पर आवश्यक सूचना नहीं मिलने के कारण उनके मन में तथ्यात्मक भ्रम बना रहता है।

अब निवेशकों को इस समस्या से भी कुछ हद तक छुटकारा मिल जाएगा। जैसे, यदि कोई निवेशक छह महीने तक किसी तरह का कोई ट्रांजैक्शन नहीं करता है तो उसे छठे महीने के अंत में कंपनी सीएएस भेजेगी। दरअसल फंड कंपनी निवेशकों को ऐसी स्थिति में सीएएस क्रमश: सितंबर और मार्च महीने के अंत में भेजेगी। यहां भी निवेशकों को सीएएस अगले महीने की 10 तारीख तक मिल जाएगा। अर्थात् आप सितंबर महीने तक का सीएएस अक्टूबर महीने की 10 तारीख तक और मार्च तक का अप्रैल महीने की 10 तारीख तक प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि यदि निवेशक ई-मेल के जरिए सीएएस प्राप्त कर रहे हैं तो यह उन्हें जल्दी एवं आराम से मिल सकता है। इसलिए हम एक बार फिर निवेशकों को याद दिलाना चाहेंगे कि निवेश के लिहाज से आपके पास ईमेल आईडी होना बहुत आवश्यक है। आप अविलंब फंड से संपर्क कर उनके रिकार्ड में इसे दर्ज करायें ताकि सीएएस आपको जल्दी एवं सुरक्षित तरीके से मिल सके।
मनी मंत्र से साभार

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