Home » राज्य You are browsing entries filed in “राज्य”

विकासवादी आइने में गुजरात का चुनावी दंगल

g4

डॉ. अजय उपाध्याय गुजरात में विगत 15 वर्षों के भाजपा शासन एवं केंद्र सरकार के पिछले तीन वर्षों के दौरान जिस प्रकार की परिस्थितियाँ उत्पन्न हुई है, उसका असर आगामी गुजरात विधानसभा चुनाव पर स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच लगातार घटता रोज़गार का अवसर, नोटबंदी के कारण रोज़गार [...]

October 12th, 2017 | Posted in राजनीति,राज्य,शासन | Read More »

सीबीआई ने यादव सिंह को किया गिरफ्तार

Yadav-Singh

भ्रष्टाचार के मामले में नोएडा के अरबपति चीफ इंजीनियर यादव सिंह को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। यादव सिंह पर करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप है। यादव सिंह पर आय से अधिक संपत्ति जमा करने का मुकदमा दर्ज हुआ था. इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है.   कहा जा रहा है कि [...]

February 3rd, 2016 | Posted in Top Story,अर्थव्यवस्था,राजनीति,राज्य,शासन,सामाजिक | Read More »

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष बलराम जाखड़ का निधन

BJ

पूर्व कांग्रेस नेता और लोकसभा अध्यक्ष रह चुके बलराम जाखड का बुधवार को निधन हो गया, वे 92 साल के थे। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष बलराम जाखड़ का जन्म 23 अगस्त, 1923 को तत्कालीन पंजाब के फिरोजपुर जिले के पंचकोसी ग्राम में हुआ था। उनका परिवार मूलत: राजस्थान का रहने वाला था.   बलराम जाखड़ पहली [...]

February 3rd, 2016 | Posted in Top Story,राजनीति,राज्य,शासन,सामाजिक | Read More »

कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए लिंग जांच होनी चाहिए : मेनका गांधी

MMM

केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा है भ्रूण लिंग परीक्षण पर रोक की बजाय सरकार को इसे अनिवार्य  करना चाहिए ताकि गर्भ में पल रहे बच्चे की ठीक से मॉनिटरिंग हो सके।हालांकि उन्होंने कहा कि यह उनके निजी विचार है और इस पर चर्चा की जानी चाहिए। मेनका गांधी सोनोग्राफी सेंटर्स द्वारा [...]

February 2nd, 2016 | Posted in Top Story,अंतर्राष्ट्रीय,युवा मंच,राजनीति,राज्य,विकास,विचार,शासन,शिक्षा,सामाजिक,स्वास्थ्य | Read More »

सोलह श्रृंगार

GDLYWDS1

ब्रह्माकुमार राम लखन विभिन्न श्रंगार और अलौकिक ड्रेसेज़ से परमपिता ने हम ब्राह्मण कुल भूषण आत्माओं को सजाया है। तिस पर भी कोई-कोई बच्चे मिट्टी वाली पुरानी-मैली ड्रेस पहन लेते हैं। कभी विश्व कल्याणी, कभी मास्टर सर्वशक्तिवान, कभी स्वदर्शन चक्रधारी की चमकीली ड्रेस पहन सदा चमकते-दमकते रहना चाहिये। गुणों का श्रृंगार कर मस्तक, गले, कान, [...]

January 30th, 2016 | Posted in Top Story,अंतर्राष्ट्रीय,युवा मंच,राज्य,विचार,शासन,शिक्षा,संस्कृति,सामाजिक,साहित्य | Read More »

रोहित की आत्महत्या से उठे सवाल

rm4

जगदीश्‍वर चतुर्वेदी हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित की आत्महत्या असामान्य – बर्बर घटना है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सामान्य स्थानीय छात्र विवाद को असामान्य बनाकर बुद्धिहीनता और छात्रविरोधी नजरिए का परिचय दिया है। रोहित को आत्महत्या न करनी पड़ती यदि विश्वविद्यालय  ने हठधर्मिता से काम न लिया होता। इस समूचे प्रसंग में हठधर्मिता के अलावा जो [...]

January 26th, 2016 | Posted in Top Story,अंतर्राष्ट्रीय,युवा मंच,राजनीति,राज्य,विचार,शासन,शिक्षा,सामाजिक,साहित्य | Read More »

“देश ने लाल खोया है”

Lekhak-2

आदित्य कुमार गिरि पढ़े लिखे लोग ज्यादा निर्मम होते हैं,ज्यादा वस्तुनिष्ठ होते हैं,वस्तुस्थिति को ज्यादा तटस्थ होकर देखने वाले होते हैं, वे आत्महत्या करने लगें तो यह समाज के लिए चिंता करने का समय है।पढ़े लिखे लोग किसी भी समस्या को डिटैच होकर देख सकते हैं।शिक्षा उन्हें मानसिक रूप से ताकतवर बनाती है।जुझारू और संघर्षशील [...]

January 26th, 2016 | Posted in Top Story,युवा मंच,राजनीति,राज्य,विकास,शासन,शिक्षा,सामाजिक,साहित्य | Read More »

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें

HRD4

January 26th, 2016 | Posted in Top Story,अंतर्राष्ट्रीय,अध्यात्म,अर्थव्यवस्था,खेल-कूद,नारी - सशक्तिकरण,पर्यावरण,पर्सनल फायनेंस,फिल्म,मनोरंजन,युवा मंच,राजनीति,राज्य,विकास,विचार,शासन,शिक्षा,संस्कृति,सामाजिक,साहित्य,स्वास्थ्य | Read More »

किसानों की आर्थिक बदहाली और फलस्वरूप ‘आत्महत्या’

Su

सारदा बैनर्जी देश में किसानों की आर्थिक बदहाली और उसके परिणामस्वरूप उनकी आत्महत्या की घटनाएं पिछले दो दशकों से एक बहुत बड़ी चुनौती के रुप में सामने आया है। यह बेहद परेशान करने वाली घटना है कि देश का प्रमुख उत्पादक वर्ग एवं देश की अन्नदाता शक्ति गरीबी और आर्थिक तनाव का बुरी तरह से [...]

January 20th, 2016 | Posted in Top Story,अर्थव्यवस्था,पर्यावरण,युवा मंच,राजनीति,राज्य,विकास,विचार,शासन,सामाजिक,साहित्य | Read More »

संविधान पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए

Manohar-Manoj

मनोहर मनोज 26 नवम्बर को संबिधान तिथि के बहाने संसद में हुए संविधान पर बहस में किसी ने इसका वस्तुनिष्ठ विश्लेषण नहीं किया ,बल्कि प्रधानमंत्री सहित सभी ने इसका भावनिष्ठ विश्लेषण ही किया। इस अवसर पर संसद में संविधान का कोरस तो गाया गया पर उसके बीच के कई दरारों को भरने का कही से [...]

December 10th, 2015 | Posted in Top Story,अर्थव्यवस्था,पर्यावरण,राजनीति,राज्य,विकास,विचार,शासन,शिक्षा,सामाजिक | Read More »

120x600 ad code [Inner pages]
300x250 ad code [Inner pages]

Recently Commented