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मेजर ध्यानचंद: भारत रत्न के बड़े हकदार

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डॉ अरुण कुमार  29 अगस्त  भारत में खेल दिवस के रुप में मनाया जाता है। उसी दिन 1905 में हॉकी के महान खिलाड़ी ध्यानचंद का जन्म हुआ था। ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर कहा जाता है और उनके नेतृत्व में भारतीय हॉकी टीम सफलता के शिखर पर पहुंची थी इसी कारण कृतज्ञ राष्ट्र उनके जन्मदिन [...]

October 14th, 2017 | Posted in Top Story,खेल-कूद,मनोरंजन,युवा मंच,राजनीति,शासन,सामाजिक | Read More »

‘हिन्दी बचाओ मंच’ की अपील

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मित्रो, हमारी राष्ट्रभाषा हिन्दी आज टूटने के कगार पर है. जन भोजपुरी मंच नामक संगठन ने भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग तेज कर दी है. भोजपुरी क्षेत्र के दो सांसदों ने संसद में भी यह मांग की है. दिल्ली के जंतर मंतर पर 8 अगस्त को इसके लिए धरना [...]

September 2nd, 2016 | Posted in शिक्षा,साहित्य | Read More »

रंजीत कुमार की कविताएं

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1. हाथ से न उठाना तुम  अब तक मुगालते इश्क़ में था आज टूटकर बिखरा हूँ मैं, हाथ से न उठाना तुम काँच का टुकड़ा हूँ मैं। जो मुझसे इश्क की चाह रखते हो झुक कर होठों से उठा लो मुझे, दर्द अगर मेरा तुम्हें भी सालता हो अपनी आँखों में आँसू सा सजा लो मुझे। [...]

June 8th, 2016 | Posted in शिक्षा,संस्कृति,साहित्य | Read More »

अम्बर कुमार चौधरी की कविताएँ

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****फूलमंडी****                       एक ऐसी जगह जहाँ होता है फूलों का सौदा एक, दो, तीन या चार नहीं कई – कई जाति के फूलों का बाज़ार यह वही फूल हैं जो अपने – अपने निवास स्थान में पत्तियों और टहनियों के बीच एक मधुर मुस्कान खिलाती है यह वही फूल हैं जिन्हें खुद पता नहीं [...]

March 12th, 2016 | Posted in संस्कृति,साहित्य | Read More »

सब ठाठ धरा रह जायेगा

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 उदय प्रकाश तू आया है, तो जायेगा हम रोटी–भात खायेगा। तू लोहा–सोना खोदेगा हम खेत में नागर जोतेगा। तू हीरा-पन्ना बेचेगा हम गाछ पे पानी सींचेगा। तू सेल्फी फोटू खींचेगा हम फटा-चिथन्ना फींचेगा। तू पुलिस फ़ौज संग नाचेगा हम पोथी-पन्ना बांचेगा। तू ऊपर चढ़ इतरायेगा हम नीचे से मुसिकायेगा। तू सरग-नसैनी धायेगा हम सागर बन [...]

February 22nd, 2016 | Posted in शिक्षा,संस्कृति,साहित्य | Read More »

ध्रुव गुप्त की मर्मस्पर्शी कवितायेँ

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एक बार फिर माँ सरसो के खेतों से गुज़र रहा था थका-हारा कि पौधों ने पकड़ लिए पांव कहा – बैठो न दादा दो पल कोई जल्दी है ? मैंने थोड़ी जगह बनाई और लेट गया दो खेतों की मेड़ के बीच कुछ देर बातें की हरी पत्तियों पीले-पीले फूलों से और फिर आंखें मूंद [...]

February 5th, 2016 | Posted in Top Story,पर्यावरण,मनोरंजन,युवा मंच,विचार,शासन,शिक्षा,संस्कृति,सामाजिक,साहित्य | Read More »

बहादुर पटेल की कविताएं

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 (1) अनगिन तुम ना एक ऐसा फूल हो जिसमें कई फूलों का रंग कई की गंध समेटे हो कभी सूरज मुखी के फूल सी निहारती हो कभी ऐसे बिखरती हो कि समेटना मुश्किल हो जाता है कभी रातरानी के फूल सी चंपा और चमेली अनगिनत में एक हो कौन सी रंगत में कब उतर आओ कभी [...]

January 31st, 2016 | Posted in Top Story,अध्यात्म,नारी - सशक्तिकरण,फिल्म,मनोरंजन,युवा मंच,विचार,शासन,शिक्षा,संस्कृति,सामाजिक,साहित्य | Read More »

सोलह श्रृंगार

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ब्रह्माकुमार राम लखन विभिन्न श्रंगार और अलौकिक ड्रेसेज़ से परमपिता ने हम ब्राह्मण कुल भूषण आत्माओं को सजाया है। तिस पर भी कोई-कोई बच्चे मिट्टी वाली पुरानी-मैली ड्रेस पहन लेते हैं। कभी विश्व कल्याणी, कभी मास्टर सर्वशक्तिवान, कभी स्वदर्शन चक्रधारी की चमकीली ड्रेस पहन सदा चमकते-दमकते रहना चाहिये। गुणों का श्रृंगार कर मस्तक, गले, कान, [...]

January 30th, 2016 | Posted in Top Story,अंतर्राष्ट्रीय,युवा मंच,राज्य,विचार,शासन,शिक्षा,संस्कृति,सामाजिक,साहित्य | Read More »

रोहित की आत्महत्या से उठे सवाल

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जगदीश्‍वर चतुर्वेदी हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित की आत्महत्या असामान्य – बर्बर घटना है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सामान्य स्थानीय छात्र विवाद को असामान्य बनाकर बुद्धिहीनता और छात्रविरोधी नजरिए का परिचय दिया है। रोहित को आत्महत्या न करनी पड़ती यदि विश्वविद्यालय  ने हठधर्मिता से काम न लिया होता। इस समूचे प्रसंग में हठधर्मिता के अलावा जो [...]

January 26th, 2016 | Posted in Top Story,अंतर्राष्ट्रीय,युवा मंच,राजनीति,राज्य,विचार,शासन,शिक्षा,सामाजिक,साहित्य | Read More »

“देश ने लाल खोया है”

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आदित्य कुमार गिरि पढ़े लिखे लोग ज्यादा निर्मम होते हैं,ज्यादा वस्तुनिष्ठ होते हैं,वस्तुस्थिति को ज्यादा तटस्थ होकर देखने वाले होते हैं, वे आत्महत्या करने लगें तो यह समाज के लिए चिंता करने का समय है।पढ़े लिखे लोग किसी भी समस्या को डिटैच होकर देख सकते हैं।शिक्षा उन्हें मानसिक रूप से ताकतवर बनाती है।जुझारू और संघर्षशील [...]

January 26th, 2016 | Posted in Top Story,युवा मंच,राजनीति,राज्य,विकास,शासन,शिक्षा,सामाजिक,साहित्य | Read More »

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